Oont Ki Gardan Akbar-Birbal Ki Kahani - story video | hindi kahani | english kahani | moral hindi story

Breaking

Saturday, April 17, 2021

Oont Ki Gardan Akbar-Birbal Ki Kahani

 Oont Ki Gardan Akbar-Birbal Ki Kahani ( ऊँट की गर्दन) | hindi moral story Akbar birbal 

Oont Ki Gardan Akbar-Birbal Ki Kahani(ऊँट की गर्दन) : Hello Kids today i am telling about new story and this story name is oont Ki Gardan Akbar birbal ki kahani(ऊँट की गर्दन) I hope kids you like this story.

Oont Ki Gardan Akbar-Birbal Ki Kahani(ऊँट की गर्दन):  अकबर बीरबल की हाज़िर जवाबी के बडे कायल थे। एक दिन दरबार में खुश होकर उन्होंने बीरबल को कुछ पुरस्कार देने की घोषणा की। लेकिन बहुत दिन गुजरने के बाद भी बीरबल को पुरस्कार की प्राप्त नहीं हुई। बीरबल बडी ही उलझन में थे कि महाराज को याद दिलायें तो कैसे?

Oont Ki Gardan Akbar-Birbal Ki Kahani
source by google


एक दिन महारजा अकबर यमुना नदी के किनारे शाम की सैर पर निकले। बीरबल उनके साथ था। अकबर ने वहाँ एक ऊँट को घुमते देखा। अकबर ने बीरबल से पूछा, “बीरबल बताओ, ऊँट की गर्दन मुडी क्यों होती है”?

बीरबल ने सोचा महाराज को उनका वादा याद दिलाने का यह सही समय है। उन्होंने जवाब दिया – "महाराज यह ऊँट किसी से वादा करके भूल गया है, जिसके कारण ऊँट की गर्दन मुड गयी है। महाराज, कहते हैं कि जो भी अपना वादा भूल जाता है तो भगवान उनकी गर्दन ऊँट की तरह मोड देता है। यह एक तरह की सजा है।"

तभी अकबर को ध्यान आता है कि वो भी तो बीरबल से किया अपना एक वादा भूल गये हैं। उन्होंने बीरबल से जल्दी से महल में चलने के लिये कहा। और महल में पहुँचते ही सबसे पहले बीरबल को पुरस्कार की धनराशी उसे सौंप दी, और बोले मेरी गर्दन तो ऊँट की तरह नहीं मुडेगी बीरबल। और यह कहकर अकबर अपनी हँसी नहीं रोक पाए।

और इस तरह बीरबल ने अपनी चतुराई से बिना माँगे अपना पुरस्कार राजा से प्राप्त किया।

Tags

short story kahaniyan hindi mein
new short hindi kahaniya 
hindi story for kids
hindi kahaniya short story
hindi kahaniya 
hindi kahaniya 2021
moral hindi kahani
short moral story

No comments:

Post a Comment

plz do not enter any spam link comment box